वीथी

हमारी भावनाएँ शब्दों में ढल कविता का रूप ले लेती हैं।अपनी कविताओं के माध्यम से मैंने अपनी भावनाओं, अपने अहसासों और अपनी विचार-धारा को अभिव्यक्ति दी है| वीथी में आपका स्वागत है |

Wednesday, 26 September 2012

इश्‍क



इश्‍क
हिना है
पिसती है
सजती है
महकती है
चढ़े बला का शोख रंग
खिल उठे अंग-अंग
गुज़रते वक्‍त के साथ
हो जाए 
रंग फ़ीका 
रह जाएँ सूनी हथेली
और कुछ भद्‍दे से चकत्‍ते 
एक सूना तड़पता दिल
टीसता रहे ज़ख्‍मों से
खूबसूरत चेहरों ने जो
भद्‍दी यादों के दिए....

- सुशीला श्योराण

चित्र : साभार गूगल



19 comments:

  1. बहुत सुन्दर,
    इश्क हिना ही तो है....
    अनु

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    1. शुक्रिया अनु।

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  2. इश्क हिना है हिना मेहदी है,तो,,,,,,
    मेहदी रंग लाती है पिसने के बाद,,,,

    RECENT POST : गीत,

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    1. धन्यवाद धीरेन्द्र जी ! जल्दी ही आपके ब्लॉग पर आऊँगी। अर्ध-वार्षिक परीक्षा के कारण अत्यंत व्यस्त हूँ। आशा करती हूँ आप समझेंगे !

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  3. बहत बढ़िया रचना है .बढ़िया रूपक उठाया है आखिर तक निभाया है .हाँ इश्क ,कुट्ता ,पिटता है ,तब परवान चढ़ता है .इश्क का नशा उतरता भी है पर एक आयाम और भी है इश्क मोहब्बत का -मोहब्बत में कोई मुसीबत नहीं है ,

    मुसीबत तो यह है मोहब्बत नहीं है .

    ब्लॉग के रिश्ते निभाइए .औरों के ब्लॉग पे भी जाइए टिपण्णी बरसाइये ,देखते देखते फिर छा जाइए ,आइये ,आजाइए ,आजाइए ,टिपण्णी साथ लाइए .

    ram ram bhai
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    बुधवार, 26 सितम्बर 2012
    मेरी संगत अच्छी है

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  4. Replies
    1. हार्दिक आभार महेश‍वरी जी !

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  5. इश्क और हिना का नाता ऐसा है जो जितना पिसे उतना निखरे ,बहुत खूब लिखा है ,बधाई|

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    1. आपकी प्रतिक्रिया सृअन के लिए ऊर्जा प्रदान करती है। हार्दिक आभार संगीता जी।

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  6. कल 28/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. कविता पसंद करने और नई-पुरानी हलचल के लिए चुनने के लिए धन्यवाद यशवन्त जी।

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  7. Replies
    1. आपकी उपस्थिति प्रोत्साहित करती है रश्मि जी ! तहे दिल से शुक्रिया।

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  8. इश्‍क
    हिना ही तो है......wah....

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  9. sach kaha hai apne apni panktiyon kay mdhyam say....shuru say ant tak....bilkul satik

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  10. हिना इश्क है या जीवन है यहाँ दुखद यादों के जख्म भी है ..बेहद सार्थक एवं गहन अभिव्यक्ति ..

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  11. एकदम सही कहा है आपने..
    बहुत सुन्दर रचना...
    सुन्दर...
    :-):-)

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  12. और सूना दिल
    टीसता है ज़ख्‍मों से
    जो खूबसूरत चेहरों ने
    भद्‍दी यादों के दिए....yakinan yahi ishq hai..

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