वीथी

हमारी भावनाएँ शब्दों में ढल कविता का रूप ले लेती हैं।अपनी कविताओं के माध्यम से मैंने अपनी भावनाओं, अपने अहसासों और अपनी विचार-धारा को अभिव्यक्ति दी है| वीथी में आपका स्वागत है |

Tuesday, 13 November 2012

मेरे दीपक जल



मेरे दीपक जल !

जगर-मगर मेरे दीपक जल
चल छोड़ महल कुटिया में चल
दीन-दुखी का कुछ तो हर तम
बुझी ज़िंदगियाँ रोशन कर।

ईंट-भट्टी में झुलसता बचपन
शीशे की आंच में सिकता लड़कपन
आतिश की कालिख में घुलता
बुझता बचपन, आलोकित कर ।

देह का बाज़ार दलदल में सना
जिस्म नुचता मंडियों में बेपनाह
इस नर्क से मुक्ति पाए जिन्दगी
नाउम्मीदी के तम में उम्मीद भर ।

बुढ़ापे की देहरी पर जब उलट जाए
अपनों का बरताव, रिश्तों का कलश
स्‍नेह और विश्‍वास से सींचा जिसे उम्र भर
जीवन संध्या में कोई उजास कर ।
जगर-मगर मेरे दीपक जल ।

- शील

चित्र : साभार गूगल

25 comments:

  1. बहुत खूबसूरत प्रस्तुति,,,
    दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ,,,,
    RECENT POST: दीपों का यह पर्व,,,

    म्यूजिकल ग्रीटिंग देखने के लिए कलिक करें,

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    1. आभार धीरेन्द्र सिंह जी।
      आपको भी सपरिवार प्रकाश-पर पर शुभकामनाए~म !

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    2. आपका ग्रीटिंग कार्ड भी बेहद सुंदर है। धन्यवाद।

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  2. बहुत सुंदर व भावपूर्ण रचना !
    "दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ !" :-)

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    1. आभार सहित आपको भी सपरिवार प्रकाश-पर पर शुभकामनाएँ!

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  3. दीपोत्सव की हार्दिक शुभ कामनाएँ!
    सादर

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    1. आपको भी उजास-पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ !

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  4. दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    कल 14/11/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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    1. शुक्रिया यशवंत जी।

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  5. बहुत भावपूर्ण रचना .... कम से कम एक दिया तो हर कुटिया में रोशनी फैलाये ...

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    1. अपने मन के उजास से अपने आस-पास को प्रकाशित करेंगे संगीता जी। आभार

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  6. मन के सुन्दर दीप जलाओ******प्रेम रस मे भीग भीग जाओ******हर चेहरे पर नूर खिलाओ******किसी की मासूमियत बचाओ******प्रेम की इक अलख जगाओ******बस यूँ सब दीवाली मनाओ

    दीप पर्व की आपको व आपके परिवार को ढेरों शुभकामनायें

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    1. इस सुंदर संदेश और शुभकामनाओं के लिए ह्रदय से आभार वंदना जी। प्रकाश-पर्व आपके और आपके प्रियजनों के जीवन को भी उजासित करे।

      आभार सहित

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  7. भावपूर्ण खूबसूरत प्रस्तुति

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    1. तहे दिल से शुक्र्या मधु जी।

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  8. ईंट-भट्टी में झुलसता बचपन
    शीशे की आंच में सिकता लड़कपन
    ...

    देह का बाज़ार दलदल में सना
    जिस्म नुचता मंडियों में बेपनाह
    ...

    वीभत्स यथार्थ का चित्र उकेरा है आपने ...
    प्रभावशाली रचना के लिए साधुवाद !
    सबका मंगल हो ...
    सबका कल्याण हो ...

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    1. आप के लेखन से प्रेरणा मिलती है भाई सा।
      उत्साहवर्धन के लिए ह्रदय से आभार।

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  9. ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    ♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
    सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
    लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

    **♥**♥**♥**●राजेन्द्र स्वर्णकार●**♥**♥**♥**
    ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ

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    1. इस लाजवाब दोहे के लिए नमन आपको।

      आपको भी सपरिवार दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ भाई सा।

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  10. बहुत अच्छी कामना के साथ दीप जलाया है ..इसे प्रज्ज्वलित ही रखें!

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    1. अवश्‍य शालिनी मैम। जीवन को थोड़ा तो सार्थक बनाएँ।
      आभार

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  11. दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  12. बहुत अद्भुत अहसास...सुन्दर प्रस्तुति ..आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये. मधुर भाव लिये भावुक करती रचना,,,,,,
    ...

    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाये आपको और आपके समस्त पारिवारिक जनो को !

    मंगलमय हो आपको दीपो का त्यौहार
    जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
    ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
    लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार..

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  13. बुढ़ापे की देहरी पर जब उलट जाए
    अपनों का बरताव, रिश्तों का कलश
    स्‍नेह और विश्‍वास से सींचा जिसे उम्र भर
    जीवन संध्या में कोई उजास कर ।

    ....आज के यथार्थ की बहुत सटीक अभिव्यक्ति...दीपोत्सव की हार्दिक मंगलकामनायें!

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  14. yatharthwadi rachna.. aur deewali par sateeek bhi
    bahut behtareeen:)

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