वीथी

हमारी भावनाएँ शब्दों में ढल कविता का रूप ले लेती हैं।अपनी कविताओं के माध्यम से मैंने अपनी भावनाओं, अपने अहसासों और अपनी विचार-धारा को अभिव्यक्ति दी है| वीथी में आपका स्वागत है |

Saturday, 7 April 2012

जला है जिया.......







जला है जिया.......

गीली लकड़ी सा धुँआ

लिपटा है वज़ूद से

कलेजे की हूक से
भीगी पलकों से
उलझी अलकों से

नम गालों से
बिखरे बालों से

लरजते होंट से
मन की चोट से...


कलेजा भिंचता सा
अंतस में कुछ खिंचता सा

गले में कुछ अटका सा
किरच-किरच दिल टूटता सा

श्‍वास कुछ-कुछ रूकता सा....
बाँच के पाती
कहता है मीत -



मेरी शांति के लिए
मुझे कुछ दे सकते हो?

दफ़ना दो अहसासों को 
प्यार भरी बातों को
मधुर यादों को

हसीन ख्वाबों को
बिसरा दो मुझे
और हर उस शय को
जो मुझसे जुड़ी है

बोलो मेरी शांति के लिए
क्या मुझे ये दे सकते हो !


-
सुशीला शिवराण 

चित्र : साभार गूगल 

17 comments:

  1. दर्द से भरे एहसास ....
    बहुत सुंदर रचना ...
    shubhkamnayen .....

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  2. बोलो मेरी शांति के लिए
    क्या मुझे ये दे सकते हो !
    वाह!!!!!!बहुत सुंदर रचना,अच्छी प्रस्तुति........

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: यदि मै तुमसे कहूँ.....

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  3. बहुत सुंदर...........
    दर्द भरे एहसासों से पगी रचना.....

    दफ़ना दो अहसासों को
    प्यार भरी बातों को
    मधुर यादों को
    हसीन ख्वाबों को
    बिसरा दो मुझे
    और हर उस शय को
    जो मुझसे जुड़ी है

    वाह.......................

    अनु

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  4. मेरी शांति के लिए
    मुझे कुछ दे सकते हो?

    दफ़ना दो अहसासों को
    प्यार भरी बातों को
    मधुर यादों को

    हसीन ख्वाबों को
    बिसरा दो मुझे
    और हर उस शय को
    जो मुझसे जुड़ी है

    बोलो मेरी शांति के लिए
    क्या मुझे ये दे सकते हो !... गहरे एहसास

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  5. बढ़िया रचना . .

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  6. प्रेम कई बार बहुत कठिन चीज़ माँगता है. सुंदर रचना.

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  7. मन के दर्द को अभिव्यक्त करने वाले भाव ... सुंदर प्रस्तुति

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  8. क्या जरूरी है उन चीज़ों के मिलने से शान्ति आ जाए ... कुछ प्रश्न खड़े करती है अंतस से ये रचना ...

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  9. मेरी शांति के लिए
    मुझे कुछ दे सकते हो?

    दफ़ना दो अहसासों को
    प्यार भरी बातों को
    मधुर यादों को

    हसीन ख्वाबों को
    बिसरा दो मुझे
    और हर उस शय को
    जो मुझसे जुड़ी है

    बोलो मेरी शांति के लिए
    क्या मुझे ये दे सकते हो !

    बहुत सुन्दर गहरे अहसास लिए कविता ....सुशिलाजी

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  10. कल 20/04/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  11. बहुत सुन्दर ..दर्द से भरपूर ...

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  12. मेरी शांति के लिए
    मुझे कुछ दे सकते हो?
    ye dena hi to mushkil hai....

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  13. दफ़ना दो अहसासों को
    प्यार भरी बातों को
    मधुर यादों को

    हसीन ख्वाबों को
    बिसरा दो मुझे
    और हर उस शय को
    जो मुझसे जुड़ी है -
    -इन पंक्तियों में गहन व्यथा अन्तर्निहित है ।

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